🗺️ बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण 2026

बिहार जमीन सर्वे — बिल्कुल आसान भाषा में पूरी जानकारी

📅 Last Updated: July 2026

पढ़ना-लिखना न आता हो तब भी कोई बात नहीं — यह गाइड बताएगी कि सर्वे में क्या करना है, कौन से कागज़ चाहिए, कहाँ जाना है, और गलती होने पर कैसे ठीक करवाएं।

⏰ अंतिम तारीख: दिसंबर 2026 तक (सरकार ने तारीख बढ़ाई है)
🙏

यह सर्वे आपकी जमीन का नया, डिजिटल सरकारी रिकॉर्ड बनाएगा। अगर आप इसमें हिस्सा नहीं लेंगे, या अपना नाम गलत होने पर आपत्ति नहीं देंगे — तो आने वाले समय में जमीन बेचने, रजिस्ट्री, लोन या वारिसों के बीच बंटवारे में दिक्कत आ सकती है।

अच्छी खबर: इसमें कोई पैसा नहीं लगता, और मदद के लिए सरकारी टीम गांव में ही आती है। बस सही समय पर, सही कागज़ के साथ हिस्सा लेना है।

🧭 सर्वे में हिस्सा लेने के 6 आसान कदम

हर कदम के आगे 🔊 बटन दबाकर उसे हिंदी में सुन सकते हैं।

1
📢

गांव में सूचना (प्रपत्र-5)

सर्वे टीम आपके गांव में आकर सूचित करेगी कि सर्वे शुरू हो रहा है — यह सूचना पंचायत भवन या गांव के मुख्य स्थान पर लगाई जाती है।

2
📄

अपने कागज़ इकट्ठा करें

खतियान, केवाला/दाखिल-खारिज रसीद, लगान रसीद, वंशावली, और बंटवारा हुआ हो तो पंचनामा — जो भी मिले, साथ रखें। नीचे चेकलिस्ट में देखें।

3
✍️

दो फॉर्म भरें (या भरवाएं)

प्रपत्र-2 (स्वघोषणा — खाता/खेसरा/रकबा) और प्रपत्र-3 (वंशावली — परिवार के सभी वारिसों के नाम)। पढ़ना-लिखना नहीं आता? शिविर में मौजूद कर्मचारी से मुफ्त में भरवा सकते हैं। वंशावली अभी ऑनलाइन बनाएं (मुफ्त) →

4
🏕️

शिविर (कैंप) में जमा करें

भरा हुआ फॉर्म अपने कागज़ों के साथ पंचायत/अंचल शिविर में जमा करें — और जमा करने की रसीद जरूर लें, यही आपका सबूत है।

5
👀

प्रपत्र-12 जरूर चेक करें

नापी के बाद गांव में छपने वाला कच्चा खतियान (प्रपत्र-12) जरूर देखें — इसमें अपना नाम, पिता का नाम और रकबा मिलाना बहुत जरूरी है। ऑनलाइन स्टेटस चेक करने का तरीका यहां देखें →

6

गलती हो तो तुरंत आपत्ति दें

नाम/रकबा/पिता का नाम गलत छपा है? तुरंत प्रपत्र-14 भरकर उसी शिविर में आपत्ति दर्ज करें — यह मौका सिर्फ तय समय तक ही मिलता है। प्रपत्र-14/21 आपत्ति की पूरी प्रक्रिया यहां देखें →

मेरे पास कौन से कागज़ हैं? (चेक करें)

जो आपके पास है उस पर टिक करें। जो नहीं है, उसके सामने बताया गया है कि क्या करना है।

📖 मुश्किल शब्दों का आसान मतलब

वंशावली

परिवार का "पेड़" — पुरखों से लेकर अभी के सभी वारिसों तक की सूची।

खानापूरी

सर्वे टीम खेत में जाकर हर टुकड़े की नापी करती है और मालिक का नाम दर्ज करती है।

शिविर (कैंप)

वह जगह जहां सरकारी कर्मचारी गांव में बैठकर फॉर्म जमा लेते हैं और सवालों के जवाब देते हैं।

प्रपत्र (Form)

"प्रपत्र" यानी फॉर्म। हर नंबर (जैसे प्रपत्र-2, प्रपत्र-12) का अलग काम होता है।

अमीन (Amin)

वह सरकारी कर्मचारी जो खुद खेत में जाकर जमीन की नापी करता है।

कानूनगो (Kanungo)

अमीन के काम की जांच करने वाला बड़ा अधिकारी।

🚫

कोई भी पैसा नहीं मांग सकता

सर्वे में फॉर्म भरना, भरवाना, वंशावली बनवाना और शिविर में जमा करना — सब बिल्कुल मुफ्त है। अगर कोई अमीन, कर्मचारी या बिचौलिया पैसे मांगे, तो घबराएं नहीं — तुरंत नीचे दिए टोल-फ्री नंबर पर शिकायत करें।

🆘 मदद चाहिए? यहां संपर्क करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Bihar sarkar ne Special Survey poora karne ki deadline badhakar December 2026 kar di hai. Lekin apne gaon mein shivir kab lagega yeh alag-alag jagah alag ho sakta hai, isliye gaon ki suchna (Form 5) par dhyan dein.
Do form zaroori hain — Prapatra-2 (Swaghoshna/Self-Declaration) jisme aap apni zameen ka khata-khesra-rakba batate hain, aur Prapatra-3 (Vanshavali) jisme purkhon se lekar abhi tak ke sabhi waris ka naam darj hota hai.
Aap gaon ke shivir mein jaake Amin ya camp mein maujood karmchari se form bharwa sakte hain — yeh unka kaam hai, iske liye koi paisa nahi lagta. Ghar ke kisi padhe-likhe sadasya, panchayat sachiv, ya Jan Seva Kendra se bhi madad le sakte hain.
Jitne bhi ho sakein rakhein: purana Khatiyan, Kewala ya Dakhil Kharij ki rasid, lagan (rent) ki rasid, pariwar ki Vanshavali, aur agar zameen ka baatwara hua ho toh Panchnama Baatwara. Sabhi kagaz na hone par bhi shivir mein jaakar sahayak se baat karein.
Khanapuri (napi-jokhi) ke baad jo kaccha (draft) record taiyar hota hai, use Prapatra-12 mein gaon mein prakashit kiya jaata hai. Ismein apna naam, pita/pati ka naam, aur rakba zaroor milayein — isi se aapka final khatiyan banega.
Agar naam, rakba ya pita ka naam galat chadha hai, toh turant Prapatra-14 (Aapatti/Objection) bharkar usi shivir mein jama karein. Yeh sudharne ka mauka sirf shivir ke tay samay tak hi milta hai, isliye deri na karein.
Nahi. Survey, form bharna aur shivir mein sahayata bilkul muft hai. Koi bhi Amin, Karmchari ya bicholiya paisa maange toh turant sarkar ke toll-free number 18003456215 par shikayat karein.
Nahi, parivarik baatwara na hone se survey nahi rukta. Aap sabhi waris milkar ek saath Vanshavali de sakte hain, aur zameen record mein sabke naam sanyukt roop se (joint) darj ho sakte hain. Baad mein baatwara hone par record update karwaya ja sakta hai.
Rajasva evam Bhumi Sudhar Vibhag ka toll-free helpline 18003456215 hai (Somvar se Shanivar, subah 9:30 se shaam 6 baje tak). Iske alawa apne Anchal (Circle) Office ya gaon mein lagne wale shivir mein bhi seedhe sampark kar sakte hain.

यह भी पढ़ें (Related Guides):

💬 इसे अपने गांव में सबको भेजें

यह जानकारी किसी काम की लगी?

अपने गांव के WhatsApp ग्रुप में शेयर करें — शायद किसी और को भी मदद मिल जाए।

☎️ हेल्पलाइन: 18003456215
यह जानकारी बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त अधिनियम, 2011 एवं नियमावली, 2012 तथा सार्वजनिक समाचार स्रोतों पर आधारित है। नवीनतम व आधिकारिक जानकारी के लिए अपने अंचल कार्यालय या dlrs.bihar.gov.in अवश्य देखें।