यह सर्वे आपकी जमीन का नया, डिजिटल सरकारी रिकॉर्ड बनाएगा। अगर आप इसमें हिस्सा नहीं लेंगे, या अपना नाम गलत होने पर आपत्ति नहीं देंगे — तो आने वाले समय में जमीन बेचने, रजिस्ट्री, लोन या वारिसों के बीच बंटवारे में दिक्कत आ सकती है।
अच्छी खबर: इसमें कोई पैसा नहीं लगता, और मदद के लिए सरकारी टीम गांव में ही आती है। बस सही समय पर, सही कागज़ के साथ हिस्सा लेना है।
🧭 सर्वे में हिस्सा लेने के 6 आसान कदम
हर कदम के आगे 🔊 बटन दबाकर उसे हिंदी में सुन सकते हैं।
गांव में सूचना (प्रपत्र-5)
सर्वे टीम आपके गांव में आकर सूचित करेगी कि सर्वे शुरू हो रहा है — यह सूचना पंचायत भवन या गांव के मुख्य स्थान पर लगाई जाती है।
अपने कागज़ इकट्ठा करें
खतियान, केवाला/दाखिल-खारिज रसीद, लगान रसीद, वंशावली, और बंटवारा हुआ हो तो पंचनामा — जो भी मिले, साथ रखें। नीचे चेकलिस्ट में देखें।
दो फॉर्म भरें (या भरवाएं)
प्रपत्र-2 (स्वघोषणा — खाता/खेसरा/रकबा) और प्रपत्र-3 (वंशावली — परिवार के सभी वारिसों के नाम)। पढ़ना-लिखना नहीं आता? शिविर में मौजूद कर्मचारी से मुफ्त में भरवा सकते हैं। वंशावली अभी ऑनलाइन बनाएं (मुफ्त) →
शिविर (कैंप) में जमा करें
भरा हुआ फॉर्म अपने कागज़ों के साथ पंचायत/अंचल शिविर में जमा करें — और जमा करने की रसीद जरूर लें, यही आपका सबूत है।
प्रपत्र-12 जरूर चेक करें
नापी के बाद गांव में छपने वाला कच्चा खतियान (प्रपत्र-12) जरूर देखें — इसमें अपना नाम, पिता का नाम और रकबा मिलाना बहुत जरूरी है। ऑनलाइन स्टेटस चेक करने का तरीका यहां देखें →
गलती हो तो तुरंत आपत्ति दें
नाम/रकबा/पिता का नाम गलत छपा है? तुरंत प्रपत्र-14 भरकर उसी शिविर में आपत्ति दर्ज करें — यह मौका सिर्फ तय समय तक ही मिलता है। प्रपत्र-14/21 आपत्ति की पूरी प्रक्रिया यहां देखें →
✅ मेरे पास कौन से कागज़ हैं? (चेक करें)
जो आपके पास है उस पर टिक करें। जो नहीं है, उसके सामने बताया गया है कि क्या करना है।
📖 मुश्किल शब्दों का आसान मतलब
वंशावली
परिवार का "पेड़" — पुरखों से लेकर अभी के सभी वारिसों तक की सूची।
खानापूरी
सर्वे टीम खेत में जाकर हर टुकड़े की नापी करती है और मालिक का नाम दर्ज करती है।
शिविर (कैंप)
वह जगह जहां सरकारी कर्मचारी गांव में बैठकर फॉर्म जमा लेते हैं और सवालों के जवाब देते हैं।
प्रपत्र (Form)
"प्रपत्र" यानी फॉर्म। हर नंबर (जैसे प्रपत्र-2, प्रपत्र-12) का अलग काम होता है।
अमीन (Amin)
वह सरकारी कर्मचारी जो खुद खेत में जाकर जमीन की नापी करता है।
कानूनगो (Kanungo)
अमीन के काम की जांच करने वाला बड़ा अधिकारी।
कोई भी पैसा नहीं मांग सकता
सर्वे में फॉर्म भरना, भरवाना, वंशावली बनवाना और शिविर में जमा करना — सब बिल्कुल मुफ्त है। अगर कोई अमीन, कर्मचारी या बिचौलिया पैसे मांगे, तो घबराएं नहीं — तुरंत नीचे दिए टोल-फ्री नंबर पर शिकायत करें।
🆘 मदद चाहिए? यहां संपर्क करें
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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